Welcome to the Daily Current Affairs session with Sunil Singh on 21st May. In this series, we summarise daily news from The Hindu and PIB (Press Information Bureau) in Hindi language. These videos are extremely important for Hindi medium students who are preparing for competitive exams like UPSC CSE.

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46 COMMENTS

  1. सर पेट में क्या दिक्कत है? मुझे बोलिए sayad main aapki madat kar saku🙏🙏

  2. Q.Bharat nepal sambandh shashwat mitra ke rhe hai. hal ke samay me is saashwat mitrata me kai ghari khai dekhneko mile hai charcha kijiye.

    Ans.

    bharat nepal ki mitarata phale se achherhe hai.jaisa ki hau bharat dawara barauni amlekhaganj petrol pipeline aur 2015 me nepal me aai bhukamp me bharat dawara nepal ki sahyog se sapst nagar aata hai.

    hal hi me china dawar nepal ke sath 20 samjhaute kiye tatha china ne nepal me kai sare project jaise kathamandu-tibbat rail link aur arniko rajmark jaise kai project dawara nepal ko apni taraf lana chah rha hai.

    iski wajh se nepal pro chinese hota ja rha hai jise ham nepal ka bhart ke sath relation me kadwahat aai hai .iska ham jawalant udaharan nepal dawar lipulekh marg aur kalpani jaise mudde me dekhne ko mila hai.

    in sab charcha se spast hota hai ki nepal-india ka risto me khai bhadhati jaa rhi hai.

    Nepal india ke liye mahatvpurn hai aur india ko nepal ke sath apne vivado ko anaucharik baithak dawar aapsi vartalap dawar niptara kitya jan chahi.

  3. Wat a good trick to stretch the video are we fool here u have to be ready while starting the video 4minutes u took to makes the things ready. So please mind for further videos otherwise u will b on risk to stay in market.

  4. Q.Border management is a complex task due to difficult terrain and hostile relations with some countries. Elucidate the challenges and strategies for effective border management.

    Ans.India shares international border with seven countries,consists of various geographical features,hills,riverine stretches,plains,forests etc. Which makes the task of border management challenging.
    👉Ex. recent kalapani lipulekh border dispute between India and Nepal.
    Challenges of effective border management
    1. Under demarketed boundaries with overlapping claims between nations
    2. Misuse of borders for smuggling,illegal migration, trafficking
    3. Active support by cross-border elements to illegal activities.
    4. Lack of cooperation and coordination between agencies of border management
    5. Cultural ethnic and linguistic affinity across borders.
    Indian strategies for effective border management
    1.24 × 7 × 365 days surveillance along borders with smart fence.
    2. Agreement on basic guiding principles and standard operating procedures.
    3. Integrated border management by involving counterparts of neighbouring Nations.
    4. Increasing confidence building management and communication linkages.
    Suggestions
    1.India should resolve pending border disputes with neighbouring countries
    2. Air surveillance initiative to be taken.
    3.improve border infrastructure, upgradation of intelligence network
    4. Involvement and cooperation of local people.

  5. Sir mujhe apki live classes kaise milengi
    Mai the Hindu ko v live dekhna chahta hu but live nhi ho pa rha h
    Please reply kijiye sir

  6. Sir ji ka Favorite Paper ETHICS ka hai….. Kuch log kisi aur Website se Answer Copy kar Yahan paste kar rhe hain….. Please be Ethical/Moral…
    Sir ji ki is mehnat ka yun majak na banaye……
    Ek bhai sahab chin aur bharat ke rishte wala topic hu b hu copy kar paste kar diya hai…

  7. प्रश्न 1 : भारत-नेपाल संबंध शाश्वत मित्र के रहे हैं। हाल के समय में इस शाश्वत मित्रता में कई गहरी दरारें देखी गईं हैं। चर्चा कीजिए।

    प्रश्न 2 : भारत- चीन संबंधों में सीमा विवाद सबसे बड़ी बाधा है। स्पष्ट कीजिए। क्या चीन इस क्षेत्र में अपनी विस्तारवादी नीति का अनुसरण कर रहा है?

    प्रश्न 3: नई रक्षा खरीद प्रक्रिया रक्षाक्षेत्र में भारत को आत्मनिर्भर बनायेगी। चर्चा कीजिए।

  8. Sir apki current ki video nhi aata hai hmare pr asa ku bt dusre sir ka aa jata hai bt hmm apko fallow krte hai….?Only S K Sir Abhiwaykti…💐💐❤🙏

  9. Sir mai bhut confuse hu ki apki jb ye video dekhte hai tb notes banae chahiye ya only dekhna chaiye video. Aur notes to sb write down krna chahiye ya kuch points bs.. Plz mujhe batae koi

  10. नई रक्षा खरीद प्रक्रिया रक्षा क्षेत्र में भारत को आत्मनिर्भर बनाएगी चर्चा कीजिए?

    उत्तर :👇👇👇
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 मई को आत्मानबीर भारत अभियान (स्व-विश्वसनीय भारत मिशन) के माध्यम से 'स्थानीय लोगों के लिए' मुखर होने के आह्वान के बाद, रक्षा मंत्रालय ने सेनाओं के लिये शस्त्र प्रणालियों को हासिल करने की नई प्रक्रिया रक्षा खरीद प्रक्रिया (डीपीपी) 2020 जारी कर दी है।
    इस नई नीति के मसौदे में सेनाओं के लिये देश में ही सैनिक साज सामान के उत्पादन को बढ़ावा दिया गया है। इसके अलावा रक्षा साज सामान खरीदने की समय अवधि भी कम करने का संकल्प जाहिर किया गया है।

    🛑नई रक्षा खरीद प्रक्रिया (डीपीपी) में प्रस्तावित प्रमुख परिवर्तन इस प्रकार हैं:——-
    1. स्वदेशी सामग्री अनुपात में वृद्धि:-
    👉 सस्ती दरों पर रक्षा उपकरण प्राप्त करने के उद्देश्य को एक श्रेणी के रूप में प्रस्तुत किया गया है ।प्रारंभिक पूंजीगत व्यय को प्रतिस्थापित करने के उद्देश्य से मौजूदा खरीद और निर्माण श्रेणियों के साथ-साथ अधिग्रहण के लिए पट्टे को एक नई श्रेणी के रूप में प्रस्तुत किया गया है।
    👉 मेक इन इंडिया पहल का समर्थन करने के लिए खरीद की विभिन्न श्रेणियों में निर्धारित स्वदेशी सामग्री को बढ़ावा दिया गया है।
    👉स्टार्ट-अप और इनोवेटर्स और डीआरडीओ की अनुसंधान परियोजनाओं समेत भारत में निर्माताओं से खरीद के सिलसिले में ’मेक’ (निर्माण) के लिए एक व्यापक अध्याय प्रस्तुत किया गया है।
    🛑 सीडीएस का पद:-
    जो सशस्त्र बलों में स्वदेशी उपकरणों को बढ़ावा देने का काम करता है।

  11. प्रश्न : भारत और चीन के मध्य सीमा विवाद दोनों देशों के संबंधों में सबसे बड़ी बाधा है स्पष्ट कीजिए . क्या चीन इस क्षेत्र में अपनी विस्तार वादी नीति का अनुसरण कर रहा है?
    उत्तर-अभी हाल मे चीन ने भारत पर सीमा विवाद का उलंघन करने के लिए जिम्मेदार का आरोप लगया है वह आरोप आक्साई चीन सिक्क्म और डोकलाम के कुछ क्षेत्रों को लेकर लगया है यह चीन की प्रचारतकम मनोवैज्ञानिक विदेश नीति का हिस्सा है

    -चीन का भारत पर आरोप:
    ———————————-
    1-आज हिन्‍दी-चीनी भाई-भाई का नारा देने वाले और उसके मैत्रीपूर्ण संबंधों के झांसे में आनेवाले वर्तमान बिल्‍कुल नहीं हैं। आज भारतीय विदेश विभाग एवं गृहविभाग राजनीतिक एवं कूटनीतिक स्‍तर पर जो प्रक्रिया अपनाए हुए हैं, उससे यह स्‍पष्‍ट नजर भी आता है। भारत कुछ नहीं बोल रहा, किंतु एक के बाद एक देश भारत के पक्ष में समर्थन में चीन के विस्‍तारवाद के विरोध में उठ खड़े हुए हैं। पाकिस्‍तान को छोड़कर अब तक कोई देश ऐसा नहीं है, जिसने कि डोकलाम मुद्दे पर चीन का समर्थन किया हो, इससे भी पता चलता है कि भारतीय पक्ष इस क्षेत्र को लेकर कूटनीतिक स्‍तर पर कितना मजबूत है।
    2-भारत ने किसी देश पर कभी आक्रमण नहीं किया और यह किसी विस्तारवादी व्यवहार को भी बर्दाश्त नहीं करेगा। चीन द्वारा सिक्किम सीमा के समीप स्थित डोकलाम में सड़क बनाने से भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र पर खतरा पैदा होगा ।
    2-चीन अपनी विस्तारवादी नीति के अंतर्गत दक्षिण चीन सागर पर अपने एकाधिकार का दावा करता है। जिसके कारण से इस क्षेत्र में आनेवाले देश विएतनाम, फिलीपींस, ब्रूनेई, इंडोनेशिया, मलेशिया इत्‍यादि में चीन के प्रति आज भारी नाराजगी है।

    भारत
    1-भारत इस वक़्त उन क्षेत्रों मेंअपना दावा मज़बूत करना चाहता हैिजन्हेंअपना मानता हैपर वो

    ͪववाǑदत है
    2-चीन गालवन घाटी मेंभारत के Ǔनमार्थिण को ग़ैर-क़ानूनी इसͧलए कह रहा हैक्योंͩक भारत-चीन के बीच

    एक समझौता हुआ हैͩक एलएसी को मानेंगेऔर उसमेंनए Ǔनमार्थिण नहींकरेंग
    ेͩकन, चीन वहांपहलेही ज़रूरी सैन्य Ǔनमार्थिण कर चुका हैऔर अब वो मौजूदा िस्थǓत बनाए रखनेकी

    बात करता ह
    चीन की इसी विस्तारवादी मानसिकता के कारण ही तटवर्ती देश चीन के विरुद्ध लामबंद हो रहे हैं। इस सब को देखते हुए कहना होगा कि भले ही सिक्किम सीमा पर भारत, चीन और भूटान के त्रिकोणीय मिलन (ट्राई जंक्शन) के नजदीक डोकलाम में भारतीय सेना को रात-दिन चीन का विरोध करना पड़ रहा हो,किंतु भारतीय सेना का अधिक से अधिक यहां मुस्‍तैद रहना चीन की विस्‍तारवादी सोच पर कहीं न कहीं अंकुश लगाने का काम कर रहा है।

  12. भारत चीन के मध्य सीमा विवाद दोनों देशों के संबंधों में सबसे बड़ी बाधा स्पष्ट कीजिए। क्या चीन इस क्षेत्र में अपनी विस्तार वादी नीति को अनुसरण कर रहा है?

    उत्तर:👇👇👇
    अभी हाल ही में चीन ने LAC उल्लंघन का भारत पर आरोप लगाया है ।यह मुद्दा गलवान घाटी अक्साई – चीन, सिक्किम के कुछ क्षेत्रों के बारे में लगाया गया।
    यह चीन के प्रमुख विदेशी साधन प्रचारआत्मक मनोवैज्ञानिक युद्ध से संचालित है।
    🛑भारत और चीन बार-बार अलग-अलग इलाक़ों मे इस तरह के विवादों में उलझ जाते हैं। इसकी क्या वजह है :—-‐——'———-
    ⚫भारत चीन के साथ 3,488 किलोमीटर लंबी सीमा साझा करता है। ये सीमा जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश से होकर गुज़रती है। ये तीन सेक्टरों में बंटी हुई है – पश्चिमी सेक्टर यानी जम्मू-कश्मीर, मिडिल सेक्टर यानी हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड और पूर्वी सेक्टर यानी सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश।
    ⚫दोनों देशों के बीच अबतक पूरी तरह से सीमांकन नहीं हुआ ह।. क्योंकि कई इलाक़ों को लेकर दोनों के बीच सीमा विवाद है।
    ⚫भारत पश्चिमी सेक्टर में अक्साई चीन पर अपना दावा करता है, जो फ़िलहाल चीन के नियंत्रण में है। भारत के साथ 1962 के युद्ध के दौरान चीन ने इस पूरे इलाक़े पर क़ब्ज़ा कर लिया था।
    ⚫चीन अरुणाचल प्रदेश में मैकमोहन लाइन को नहीं मानता और अक्साई चीन पर भारत के दावे को भी ख़ारिज करता है।
    इन विवादों की वजह से दोनों देशों के बीच कभी सीमा निर्धारण नहीं हो सका। हालांकि यथास्थिति बनाए रखने के लिए लाइन ऑफ़ एक्चुअल कंट्रोल यानी एलएसी टर्म का इस्तेमाल किया जाने लगा। हालांकि अभी ये भी स्पष्ट नहीं है। दोनों देश अपनी अलग-अलग लाइन ऑफ़ एक्चुअल कंट्रोल बताते हैं।
    🛑सीमा विवाद सुलझाने की कोशिशें:————–
    ⚫दोनों देशों ने बॉर्डर मैनेजमेंट समितियां बनाई हुई हैं।
    ⚫"जिनका काम ये देखना है कि जबतक सीमा-निर्धारण का काम नहीं हो जाता, तबतक जो भी विवाद के मसले आएंगे। उन्हें बड़े तनाव में बदलने से रोकना है।ताकि युद्ध की स्थिति ना बने."।
    ⚫वहीं पीआईबी के मुताबिक़, भारत और चीन ने सीमा समस्या के समाधान की रूपरेखा तैयार करने के लिए अपना-अपना विशेष प्रतिनिधि (एसआर) नियुक्त किया है. इन एसआर की अबतक 20 से ज़्यादा बैठकें हो चुकी हैं।
    चीन गालवन घाटी में भारत के निर्माण को ग़ैर-क़ानूनी इसलिए कह रहा है। क्योंकि भारत-चीन के बीच एक समझौता हुआ है, कि LAC को मानेंगे और उसमें नए निर्माण नहीं करेंगे. लेकिन, चीन वहां पहले ही ज़रूरी सैन्य निर्माण कर चुका है और अब वो मौजूदा स्थिति बनाए रखने की बात करता है. अपनी स्थिति मज़बूत करने के लिए अब भारत भी वहां पर सामरिक निर्माण करना चाहता है।

  13. खाद्य प्रसंस्करण को औपचारिक स्वरुप ।

    भारतीय अर्थवेस्था में कोविद 19 के फलस्वरूप आई …… गतिरोध एवं गतिहीनता को दूर करने हेतु सरकारी पहल के तहत रआहत पैकेज जारी किया गया ,
    जारी करना सरकारी आर्थिक नीति के तहत अर्थवयवस्था को गति प्रदान करना एवम अदिक्तं भागीदारी सुनिश्चित करना है । इसके लिए सरकारी तंत्र ं दो बड़े स्तरों पर योजनाओ को लागू कर रहा है
    * निवेश ( सूक्ष्म एवं खाद्य प्रसंस्करण में 10,000 कर का )
    * नए आयाम ( नीली क्रांति का वैश्विक स्तर तय कर)
    निवेश के माध्यम से असंगठित क्षेत्र को सरकर औपचारिक क्षेत्र की और मोड़ने में निम्नलिखित कार्यों को बढ़ावा दे रही है –
    नयी ककेन्द्रप्रयोजित योजना जिसमे सरसरकार ने 10,000 करोड़ की खाद्य प्रसंस्करण योजना के निवेश किया है ।जिसका उद्देश्य असंगठित क्षेत्रो को औपचारिकता प्रदान करना है ।सरकार इसके लिए प्रतिबद्ध है इस उद्देश्य की पूर्ति सरकार के द्वारा निम्नलिखित प्रवधानों म तहत किया जा रहा है
    इस संबंध की पूर्ति के लिए सरकार -व्यक्तिगत सूक्ष्म इकाइयों को ( 35% की दर से ) ऋण प्रदान कर रही है ।
    कौशल हैंडलिंग को समर्थन दे रही है
    सेल्फ हेल्प ग्रुप और सहकारी क्षेत्रो बढ़ावा देने हेतु 4 लाख तक लोन की वेवस्था कर चुकी है ।
    इसके अलावा प्रशाशनिक क्रियान्वयन के लिए एक नोडल विभाग और एजेंसी की वेवस्था कर रही है
    तबाता साथ ही एक पोर्टल का भी निर्माण भी नए निवेशकों के लिए किये जानेे का प्रावधान के्र चुकी है ।
    अतः निश्चित ही सरकार भारत के 25 असंगठित क्षेत्रो के 80 परिवार अधारित उद्यमो को संगठित क्षेत्र तक लाये जाने का प्रयास कर रही है ।।

  14. नई रक्षा खरीद प्रक्रिया रक्षा क्षेत्र में भारत आत्मनिर्भर बनायेगी। चर्चा कीजिए:-✍️
    Ans:-🍁🍁🍁'रक्षा आत्मनिर्भरता' सरकार के कदम से संकटों में कमजोरी या साथ साथ रणनीतिक और राष्ट्रीय सुरक्षा चिंताओं को दूर करने में मदद मिलेगी📍
    नई रक्षा खरीद प्रक्रिया 2020 भारत में पूंजीगत व्यय को प्रतिस्थापित करने के उद्देश्य से मौजूदा खरीद निर्माण श्रेणियों के लिए लिंचिंग का प्रयोग किया जाएगा
    📍📍इस प्रक्रिया से भारत को आत्मनिर्भर बनाने में आसानी होगी📌📌
    🌿🌿मेक इन इंडिया को बढ़ावा जिसके द्वारा कौशल उक्त लोगों को रोजगार🌿🌿
    🌿🌿स्वदेशी सामग्री का अनुपात बढ़ाना लोगों को जागरुक करना कि भी स्वदेशी सामग्री ही उपयोग करे
    🌿🌿उत्पादन समर्थन LCAC,PBL
    🌿🌿विनिर्माण क्षेत्रों को बढ़ावा
    🌿🌿सॉफ्टवेयर और सिस्टम संबंधित परियोजनाओं की खरीद के लिए एक नया खंडे शुरू किया गया है क्योंकि ऐसी परियोजनाओं में प्रौद्योगिकी में तेजी से बदलाव के कारण प्रचलन बहुत तेज होता है और प्रौद्योगिकी के साथ गति बनाए रखने के लिए खरीद प्रक्रिया में लचीलापन आवश्यक है
    🌿🌿ऐसे में सरकार ने जो उपाय किया कि ऐसे हथियार वस्तु उसको नोटिफाई करेगी जिसमें आयात को बैन किया जाएगा तथा इसके लिए अलग से बजट में प्रावधान भी सरकार करेगी भारत में रक्षा क्षेत्र में एफडीआई की सीमा 74% कर दी गई है
    🌿🌿जब स्वदेशी वस्तुओं का उपयोग होगा और आयात नहीं मेक इन इंडिया के थ्रू इंडिया में ही डिफेंस कें हथियार बनेंगे तो हम यह कह सकते हैं भारत को आत्मनिर्भर बनने में अधिक समय नहीं लगेगा🌿🌿

  15. भारत चीन के मध्य में सीमा विवाद दोनों देशों के संबंधों में सबसे बड़ी बाधा है स्पष्ट कीजिए क्या चीन इस क्षेत्र में अपने विस्तार वादी नीति का अनुसरण कर रहा है?
    Ans:-✍️ अभी हाल ही में चीन ने भारत पर (LAC )line of actual controlके ऊपर उल्लंघन का आरोप लगाया है और यह मुद्दा गलवान घाटी अक्साई चीन और उसके साथ है सिक्किम के कुछ क्षेत्रों के बारे में लगाया गया है यह चीन की विदेश नीति एक प्रमुख साधन प्रचारात्मक मनोवैज्ञानिक युद्ध से अनुप्राणित है उसे संचालित है
    🌿चीनी विदेश नीति के साधन🌿
    📍सैनिक शक्ति का दबाव
    📍राजनीतिक कार्य
    📍कूटनीति
    📍प्रतियोगिका
    📍 मुलोच्छे
    🌺चीन भारत पर आरोप🌺
    चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने 18 मई 2020 को प्रकाशित एक आर्टिकल में गलवा नदी घाटी क्षेत्र में तनाव के लिए भारत को जिम्मेदार बताया गया
    🍂अखबार में चीनी सेना के हवाले में कहां :-🍂
    🌿भारत ने इस इलाके में रक्षा संबंधी गैरकानूनी निर्माण किया है इसकी वजह से चीन को वहां सैन्य तैनाती बढ़ानी पड़ी है
    🌿भारत में इस तनाव की शुरुआत की
    🌿लेकिन हमें यकीन है यहां डोकलाम जैसे हालात नहीं बनेंगे जैसा साल 2017 में हुआ था
    🌿गा
    गालवान घाटी चीनी इलाका है भारत द्वारा उठाए गए कदम सीमा संबंधी मुद्दों पर भारत और चीन के बीच हुए समझौते का उल्लंघन करते हैं
    🌿भारत मई 2020 से ही चीनी इलाके में गलवान घाटी से घुस रहा है
    💐यह सारे स्टेटमेंट चीनी अखबार में आया था💐
    सामरिक रूप से महत्वपूर्ण:-धनवान घाटी लद्दाख और अक्साई चीन के बीच भारत चीन सीमा के नजदीक स्थित है
    यहां पर वास्तविक नियंत्रण शिंजियांग और भारत के लद्दाख तक फैली है
    1962 की जंग के दौरान भी बलवान नदी का यह क्षेत्र जंग का प्रमुख केंद्र रहा
    🌠सीमा पर तनाव🌠
    भारत इस वक्त उन क्षेत्रों में अपना दावा मजबूत करना चाहता है जिन्हें अपना मानता है पर वह विवादित है
    💐💐चीन बलवान घाटी में भारत के निर्माण को गैरकानूनी इसलिए कह रहा है क्योंकि भारत चीन के बीच एक समझौता हुआ है कि एल एस सी मानेंगे और उसमें नए निर्माण नहीं करेंगे💐💐
    📍📍लेकिन चीन वहां पहले ही जरूरी सैनेलन मार कर चुका है और अब वह मौजूदा स्थिति बनाए रखने की बात करता है📍📍
    🌺🌺अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए भारत भी वहां पर सामरिक निर्माण करना चाहता है🌺🌺
    📌📍📌
    🌿🌿जिसमें चीन की नींद हराम हो गई है चीन को लगता है भारत सिर्फ बोलता है पर अब भारत न सिर्फ बोलेगा बल्कि अपना हक मिलेगा जिससे चीन को दुख पहुंच रहा है कि जो भारत कुछ नहीं करता था वह निर्माण पर आ गया और अब चीन की नहीं चल रही है तो भारत के अन्य पड़ोसी राज्यों पर दबाव बना कर कैसे भी भारत को पीछे रखना चाहता है जैसे भारत नेपाल का काला पानी धारचूला विवाद है,पाकिस्तान को भारत के खिलाफ उकसाना सीपीईसी चाइना पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर जैसे विवादास्पद काम करना
    🌿इसके बावजूद भारत को गलत ठहराना चीन अपनी चीनी कूटनीति से कभी बाज नहीं आएगा भारत को रुकना नहीं चाहिए ऐसे ही आगे बढ़कर अपने हक का निर्वाह करना चाहिए💐

  16. प्रश्न क्या नई रक्षा खरीद प्रक्रिया रक्षा क्षेत्र में भारत को आत्मनिर्भर बनाएगी चर्चा कीजिए

    हाल ही में प्रधानमंत्री द्वारा आत्मनिर्भर भारत के लिए 20 लाख करोड़ की प्रोत्साहन राशि का प्रावधान किया गया है
    भारत को अपनी सैन्य शक्ति में आत्मनिर्भर बनाने के लिए नई रक्षा खरीद प्रक्रिया डीपीपी 2020 के अनुसार भारत रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनेगा-

    ☆ मेक इन इंडिया पहल का समर्थन करने के लिए स्वदेशी सामग्री को बढ़ावा
    ☆ सस्ती दरों पर रक्षा उपकरण प्राप्त करने के उद्देश्य से लीज को नई श्रेणी में प्रस्तुत करना
    ☆ 50% स्वदेशी सामग्री के साथ नई श्रेणी " खरीद ( वैश्विक भारत में निर्माण)"
    ☆ केवल न्यूनतम आवश्यक सामग्री ही विदेश से मंगवाना
    ☆ रक्षा क्षेत्र में एफडीआई 74 %
    ☆ ऑर्डिनेंस फैक्ट्री का कारपोरेशन
    ☆ कुछ हथियार स्पेयर्स को नोटिफाई करके आयात बैन किया जाएगा और स्वदेशी आपूर्ति की जाएगी सरकार इसके लिए अलग बजट भी लाएगी

    ☆ सीडीएस का पद जो सशस्त्र बलों में स्वदेशी उपकरणों को बढ़ावा देने का काम करता है

    यह सभी महत्वपूर्ण कदम भारत को रक्षा क्षेत्र में भी आत्मनिर्भर बनाने के पथ पर अग्रसर हैं

  17. 1. वर्तमान में किन दो देशों के बीच कालापानी लीपूरेखा को लेकर सीमा विवाद हो रहा है ।
    (a) भारत – चीन
    (b)नेपाल-पाकिस्तान
    (c)भारत – नेपाल
    (d)नेपाल – चीन

    2 निम्न में से किस देश में वर्तमान समय में द्वारा लिपुलेख रेखा धाराचुला मार्ग उद्घाटन किया गया
    (a)भारत
    (b)पाकिस्तान
    (c)नेपाल
    (d)चीन

    3. निम्न में से सुगौली की संधि किन देशों के बीच हुई
    (a)भारत-नेपाल
    (b)भारत-चीन
    (c)नेपाल – ईस्ट इंडिया कंपनी
    (d) नेपाल- चीन

    4. नई रक्षा खरीद प्रक्रिया 2020 का मुख्य उद्देश्य क्या है
    (a)सस्ती दरों पर रक्षा उपकरण प्राप्त करने के उद्देश्य से पट्टे को एक श्रेणी के रूप में प्रस्तुत करना ।
    (b)मेक इन इंडिया पहल का समर्थन करने के लिए खरीद की विभिन्न श्रेणी में निर्धारित स्वदेशी सामग्री को बढ़ा बढ़ावा देना।
    (c)प्रारंभिक पूंजी व्यय को प्रतिस्थापित करने के उद्देश्य से मौजूदा खरीद और निर्माण श्रेणियों के साथ-साथ अधिग्रहण के लिए लिंचिंग यानी पट्टे को एक नई श्रेणी के रूप में प्रस्तुत करना
    निम्न में से कौन सा कथन सत्य है:
    (1) aऔर b
    (2) b और c
    (3) केवल c
    (4) उपयुक्त में से सभी

  18. Q.भारत नेपाल संबंध शाश्वत मित्र रहा है हाल के समय में इस शाश्वत मित्र में कई गहरी दरारें देखी गई चर्चा कीजिए?
    Ans:-
    नेपाल भारत का एक महत्वपूर्ण पड़ोसी है और सदियों से चले आ रहे भौगोलिक, ऐतिहासिक, सांस्कृतिक व आर्थिक संबंधों के कारण वह हमारी विदेश नीति में विशेष महत्व रखता है |
    भारत और नेपाल हिंदू धर्म एवं बौद्ध धर्म के संदर्भ में समान संबंध साझा करते हैं उल्लेखनीय है कि बुद्ध का जन्म स्थान लुंबिनी नेपाल में है और उनका निर्माण शान कुशीनगर भारत में स्थित है | वर्ष १९५० कि भारत-नेपाल शांति और मित्रता संदीप दोनों देशों के बीच मौजूद विशेष संबंधों का आधार है |
    नेपाल भारत के साथ खुली सीमा साझा करता है नेपाल भारत के 5 राज्यों उत्तराखंड उत्तर प्रदेश सिक्किम पश्चिम बंगाल बिहार के साथ सीमा साझा करता है भारत में कई नेपाली नागरिक निवेश करते हैं और वे लोग भारतीय नागरिकता भी ले चुके हैं और कई ऐसे नेपाली जो भारतीय नागरिक हैं वह भारतीय सेना में भी तैनात है |
    भारत नेपाल संबंध पिछले कई वर्षों से शश्वत मित्रता पूर्वक रहे परंतु हाल ही के समय में देखा जाए तो इनकी शश्वत मित्रता में कई दरारें देखी गई है
    •नेपाल में बढ़ रहा है चीनी प्रभाव
    •भारत द्वारा नेपाली संविधान
    •नेपाल के नए राजनीतिक नक्शा जिसमें भारतीय क्षेत्र कालापानी, लिपुलेख और लिपियाधूरा को नेपाल का हिस्सा बताया
    #लिपुलेख मार्ग का उद्घाटन:-
    •भारत में 8 मई को लिपुलेख-धाराचुला मार्ग का उद्घाटन किया
    •नेपाल ने इस एकतरफा फैसला बताया
    •नेपाल का दावा कि महाकाली नदी के पूर्व का इलाका नेपाल सीमा में आता है
    •भारतीय विदेश मंत्री ने कहा लिपुलेख भारतीय सीमा क्षेत्र में आता है
    #भारत द्वारा २०१९ में जारी नक्शा:-
    •इसे विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग ने सर्वेक्षण विभाग के साथ मिलकर तैयार किया
    •कालापानी लिपियधुरा और लिपुलेख इलाके को भारतीय क्षेत्र में बताएं
    •नेपाल में उस समय भी ऐतराज जताया
    #पुर्व के विवाद:-
    •नेपाल और ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के बीच १८१६ में एंग्लो नेपाल युद्ध के बाद सुगौली समझौते पर हस्ताक्षर
    •दोनों देशों के बीच सीमा को लेकर स्पष्टता नहीं
    •दोनों देशों के पास अपने-अपने नक्शा हैं जिसके विवादित क्षेत्र उनके अधिकार क्षेत्र में दिखाया गया

  19. प्रश्न-🔴 भारत नेपाल संबंध सास्वत मित्र की रहे हैं हाल के समय में इस शाश्वत मित्रता में कई दरारें देखी गई है चर्चा कीजिए।
    उत्तर——-
    नेपाल भारत का एक महत्वपूर्ण पड़ोसी देश है और सदियों से चले आ रहे भौगोलिक ऐतिहासिक सांस्कृतिक एवं आर्थिक संबंधों के कारण हुआ हमारी विदेश नीति में महत्व रखता है।
    भारत और नेपाल शांति और मित्रता के मध्य विपक्षी संधि हुआ जिसका उद्देश्य दोनों दक्षिणी एशियाई पड़ोसी देशों के बीच घनिष्ठ रणनीतिक संबंध स्थापित करना है यह संघ दोनों देशों के बीच लोगों और वस्तुओं की मुक्त आवाजाही और रक्षा एवं विदेशी मामलों के बीच घनिष्ठ संबंध तथा सहयोग की अनुमति देती है।
    ➡️ पिछले कुछ वर्षों सेभारत और नेपाल के मध्य उनके संबंधों में दरारे पड़ रही हैं——-
    हाल ही में भारत ने लिपुलेखा -धारचूला मार्ग का उद्घाटन किया जिसमें नेपाल ने इस पर एकतरफा फैसला बताते हुए आपत्ति जताई और कहा महाकाली नदी के पूर्व का पूरा इलाका नेपाल की सीमा के अंतर्गत आता है लेकिन भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा लिपुलेख का सीमा भारत के अंतर्गत आता है।
    ✴️ नवंबर 2019 में भारतीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग ने सर्वेक्षण विभाग के साथ मिलकर एक नक्शा जारी किया।
    ✴️ जिसमें कालापानी,लिंपियधूरा और लिपूलेख इलाके को भारतीय क्षेत्र में बताया गया लेकिन नेपाल ने इस पर विरोध जताया।
    ✴️ भारत- नेपाल के बीच बढ़ते मतभेद का एक तरफा कारण नहीं है। दोनों देश के संबंधों में कड़वाहट तब भी आई जब सितंबर 2015 में नेपाली का संविधान अस्तित्व में आया। क्योंकि भारत द्वारा नेपाली संविधान का उस रूप में स्वागत नहीं किया गया जिस रूप में नेपाल की आशा थी।
    ➡️ भारत नेपाल के पूर्व विवाद भी इसके मुख्य कारण हैं——
    ✴️ नेपाल और ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के बीच 1816 में एंगलो नेपाल युद्ध के बाद सुगौली समझौते पर हस्ताक्षर हुए जिसमें काली नदी को भारत और नेपाल के पश्चिमी सीमा पर दर्शाया गया इसी के आधार पर नेपाली पुलिस तथा अन्य तीन क्षेत्रों पर अपने अधिकार का दावा करता है और दोनों देशों के बीच सीमा की स्थिति स्पष्ट नहीं है।
    ✴️ दोनों देशों के पास अपने-अपने नक्शे हैं जिसमें विवादित क्षेत्र उनके अधिकार क्षेत्र में दिखाया गया है।
    ➡️ भारत की प्रतिक्रिया—–
    *या ऐतिहासिक तथ्यों पर आधारित नहीं है कृत्रिम है और भारत के लिए अस्वीकार हैं।
    *या राजनीत बातचीत के माध्यम से सीमा मुद्दों को हल करने की व्दिपक्षी समाज के विपरीत है।
    * काठमांडू से सीमा विवाद को निपटाने के लिएराजनयिक बातचीत का विकल्प चुनने का आग्रह किया।
    ➡️ आगे की राह——–
    ✴️यदि नेपाल की आन्तरिक नीति की बात करें तो पिछले कुछ वर्षों में काफी अस्थिर रही है नेपाल की राजनीतिक अस्थिरता उसके उसके विदेश नीति को संभालने नहीं दे रही है
    वहां एक सशक्त एवं मजबूत नेता की जरूरत है जो पड़ोसी देशों के साथ रिश्ते मजबूत कर सके।
    ✴️ इसी के साथ भारत को भी अपनी विदेश नीति सख्त करने की जरूरत है।

  20. भारत चीन के मध्य सीमा विवाद दोनों देशों के संबंध में सबसे बड़ी बाधा है क्या चीन इस क्षेत्र में अपनी विस्तार वादी नीति का अनुसरण कर रहा है?

    उत्तर – अभी हाल ही में चीन ने भारत पर एलएसी का उल्लंघन का आरोप लगाया है यह मुद्दा गाल वन घाटी अक्साई चीन और सिक्किम के कुछ क्षेत्र के मुद्दों के बारे में लगाया गया है यह चीन की विदेश नीति के प्रमुख साधन प्रचार आत्मक मनोवैज्ञानिक युद्ध से अनुप्राणित है

    चीन के अनुसार-
    # गालवन घाटी चीनी इलाका
    # भारत ने इस इलाके में रक्षा संबंधी गैरकानूनी निर्माण करके तनाव की शुरुआत की
    # उसके अनुसार भारत द्वारा उठाए गए कदम सीमा संबंधी मुद्दों पर भारत और चीन के बीच हुए समझौते का उल्लंघन करते हैं

    #गालवन घाटी- सामरिक रूप से महत्वपूर्ण दोनों देशों के लिए

    ☆ गाल बन घाटी लद्दाख अक्साई चीन के बीच भारत चीन सीमा के नज़दीक
    ☆ भारत के लिए इसलिए महत्वपूर्ण क्योंकि यह पाकिस्तान चीन के शियांग जान और लद्दाख की सीमा के साथ लगी हुई
    ☆ 1962 में जंग का प्रमुख केंद्र

    भारत की विदेश नीति सीमा विवादों पर आक्रमक नहीं हुई है बल्कि भारत मुखर हो गया है क्योंकि पहले वह जिन जगहों पर अपना अधिकार बताता था अब वह उन्हीं जगहों पर अपना अधिकार जताने भी लगा है

  21. Itne bche video dkhte h.. pr likes sirf thode se h… Sir kbhi like k liye ni khte pr plzz sbhi like jrur kriye…

  22. Q.sukhm khaddy prashankarn uddhamo ko aupcharik rup dene ki yojna kis parker is kshetra ko aupcharik arthvyvstha me privartit karegi charcha kijiye
    Answers….
    Agar hum Global hunger index ki report dekhte hai to India ki ranking 102 hai aur south Asia and bricks me hum sabse niche hai.
    Ek sarkari Addhan se PTA chal ki bharat me shi trike se khaddy pranskarn ka use nhi hone se har saal 67 million tonnes khaddy kharab ho jata hai.
    Isko dekhte hue kendiy mantrimandal ne 10000 crod li parivyaya ke sath akhil bharatiya satar par asangthit kshetrya ke liye nai yojana ko manjuri di
    Desh me lagbhg 25 lakh apanjikrit khaddy prashankarn uddham hai jo es khsetrya ka 98% aur ye asangthit aur aniymit hai.
    In ekayiyo ka kareeb 68%gramin kshetrya me sathit hai enme 80%pariwari uddham hai.
    Uddesya …
    1 suksham khadya prasanskarn ekaiyo ke drawara vittiy adhigmyata me vridhi.
    2. Khadya gudvatta aur surksha manko ka anupalan .
    3.Asanghathit khsetrya me aupcharik kshetrya me pragaman.

    Vytigat sukshm ekaiyo ko shayta..
    10 lakh tak lagt vali vaidh pariyojana ke sukshm udhmo ko 35%li dar se rid me sabsidi milegi.
    Copritiv ko sahayta….
    4 lakh prati SGH ki shayta.
    Uprokt katahn se ham yah kah Skte hai ki yha yojna sukshm khaddy prashankarn uddham ko aupcharik arathvyvstha me privartit kar degi

  23. प्रश्न कोरोना काल में मत्स्य पालन के लिए प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना की रणनीति की चर्चा कीजिए

    उत्तर -करोना महामारी नेै विश्व की अर्थव्यवस्था को जरजर कर दिया है जिससे सभी व्यवसाय, रोजगार ,पर्यटन ,शिक्षा आदि पर इसका दुष्प्रभाव पड़ा है इस प्राकृतिक आपदा से लड़ने के लिए सरकार ने 20,000 लाख करोड रुपए का आर्थिक पैकेज निकाला है जिसमें सरकार ने अनेक योजनाएं आरंभ करने की रणनीति बनाई है जिसमें से एक मत्स्य पालन क्षेत्र के विकास के लिए प्रधान मंत्री मत्स्य पालन योजना है जिसे मंजूरी मिल गई है
    योजना का उद्देश्य मत्स्य पालन योजना के लिए 1 – 20,000 करोड़ों रुपए की राशि योजना के रूप में लागू होगी
    2 यह यह योजना वित्त वर्ष सन 2020 21 से 2024-25 तक की अवधि के लिए होगी
    3 इस योजना के मुख्य दो घटक हैं केंद्रीय योजना जिस में शामिल होगे -(लाभार्थी और गैर लाभार्थी ),2 – केंद्र प्रायोजित योजना मत्स्य पालन( प्रबंधन नियामक फ्रेमवर्क अवसंरचना और उत्पादन वाद प्रबंधन, उत्पादन और उत्पादकता को प्रोत्साहन शामिल है)
    लाभ- 1 मत्स्य पालन क्षेत्र में आने वाली कमियों को दूर करते हुए क्षमता का भरपूर इस्तेमाल किया जाएगा
    2 मत्स्य पालन चित्र में 9% की सालाना दर से वृद्धि के साथ 2924 से 22 मिलीयन मेट्रिक टन उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है
    3 ग्रामीण क्षेत्रों में मछली पालन किस चीज है या परोक्ष रूप से आए थे बेहतर अवसर और रोजगार मिलेंगे
    4। सन 2024 तक मछली पालन से जुड़े किसानों की आय दोगुनी करने में मदद करना
    5 कोरोना महामारी में श्रमिकों को सामाजिक आर्थिक सुरक्षा मिलेगी
    6 मछली पालन के लिए मछली आवश्यकता अवसंरचना और मजबूत मूल्य श्रंखला विकसित होगी
    सरकार द्वारा दिए जा रहे इस आर्थिक पैकेज से मत्स्य पालन किसानों को इसको रोना महामारी के समय आर्थिक स्थितियों में लड़ने सहायता मिलेगी और रोजगार भी मिलेगा जिससे उनके उनके परिवार का भरण पोषण सुरक्षित हो सके इसमें सभी प्रशासनिक क्षेत्रों को रणनीति से कार्य करने की आवश्यकता है जिससे यह योजना सफल हो सके

  24. 20 April

    प्रश्न:- चीन अपने आर्थिक संबंधों को एशिया के संभाव्य में सैनिक शक्ति की हैसियत को विकसित करने के लिए उपकरणों के रूप में इस्तेमाल कर रहा है इस कथन के प्रकाश में, इसके पड़ोसी के रूप में भारत पर इसके प्रभाव की चर्चा कीजिए?
    उत्तर:- चीन हमेशा ही अपने आर्थिक संबंधों को एशिया में संभाव्य में सैनिक शक्ति की हैसियत को विकसित करने के लिए उपकरणों के रूप में इस्तेमाल करता रहा है

    उदाहरण:- वर्तमान में जैसा कि हम देख सकते हैं पाकिस्तान श्रीलंका और नेपाल की आर्थिक मदद कर भारत के प्रति स्माल करने की चाल।

    चीन की विदेशी नीति में प्राचीन काल से ही ऐसा रहा है जैसे कि

    झोउ एन लाई की विदेश नीति
    ० शब्द और इशारा
    ०स्टिक का उपयोग तभी जब अनुनय से सभी साधन विफल
    उदाहरण:
    ० 38th parallel issue
    ०वियतनाम

    बांडुग एंप्रो एशियाई सम्मेलन
    उद्देश्य =
    ०अलगाव से बचें
    ०गुटनिरपेक्ष देशों के साथ एकजुटता बनाएं
    ०पश्चिम को विभाजित करें

    परंतु वर्तमान में चीनी विदेशी नीति में बदलाव=
    ०सैन्य शक्तियों का दबाव
    ० राजनीतिक कार्य
    ० कूटनीति
    ०प्रचारात्मक मनोवैज्ञानिक युद्ध
    ० आर्थिक प्रतियोगिता
    ० मुलोच्छेद

    भारत पर इसका प्रभाव:

    ० वन बेल्ट वन रोड में शामिल होने वाले पड़ोसी देशों से भारत का अपने पड़ोसी देशों पर पकड़ कमजोर होगी इससे सारे संगठन के कमजोर पड़ने का खतरा है
    ०भारत के स्थाई मीटर रूस तथा शत्रु देश पाकिस्तान के क्षेत्र में पहल करने से भारत का एशिया के अलग अलग होने का खतरा बन सकता है
    ०चाइना पाकिस्तान आर्थिक गलियारे के माध्यम से चीन भारत की संप्रभुता के साथ खेल रहा है जो भविष्य में इस क्षेत्र में भारत के प्रभाव को कम कर सकता है

  25. प्रश्न : भारत और चीन के मध्य सीमा विवाद दोनों देशों के संबंधों में सबसे बड़ी बाधा है स्पष्ट कीजिए . क्या चीन इस क्षेत्र में अपनी विस्तार वादी नीति का अनुसरण कर रहा है?
    उत्तर : हाल ही में चीन ने भारत पर एलएसी के उल्लंघन का आरोप लगाया है. चीन ने गालवन नदी घाटी क्षेत्र में तनाव के लिए भारत को जिम्मेदार बताया है.
    वर्तमान विवाद ;
    1)भारत द्वारा इस क्षेत्र में रक्षा संबंधी निर्माण कार्य में प्रगति
    2) चीन द्वारा सैन्य तैनाती को बढ़ाना
    3) चीनी इलाका का दावा गालवन घाटी में चीन का आरोप भारत और चीन सीमा समझौता का उल्लंघन भारत चीनी सीमा में घुस रहा है
    4) कोविद 19 से ध्यान हटाने के लिए भारत का यह कदम..
    सामरिक रूप से महत्वपूर्ण :
    1)गालवन घाटी लद्दाख और अक्साई चीन के मध्य का क्षेत्र
    2)यह घाटी जिनजियांग और लद्दाख तक फैली 3)घाटी की सीमा पाकिस्तान चीन और लद्दाख के बीच
    4) 1962 की जंग के दौरान भी गालवन नदी का यह क्षेत्र जंग का प्रमुख केंद्र रहा था.
    चीनी विदेश नीति के साधन विस्तार वादी नीति:
    1) प्रचारातत्मक मनोवैज्ञानिक युद्ध
    2)विस्तार वादी नीति
    3)मुलोछेदन
    परिणाम.
    1) चीन गाल्व्न घाटी में पहले ही सैनिक निर्माण कर चुका है
    2)भारतीय क्षेत्र को अपना क्षेत्र का दावा इसकी विस्तार वादी नीति का ही परिणाम है.
    निष्कर्ष
    चीन की नीति को परास्त करने के लिए भारत को अपनी कूटनीति को विश्व पटल पर उभारना होगा और भारत ऐसा कर भी रहा है भारत अब आक्रामक नहीं हुआ है बल्कि मुखर हो गया है जिन जगहों पर वह अपना अधिकार जताता रहा है अब उन पर अधिकार जताने भी लगा है…

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